युवराज सिंह 'सिक्सर किंग' की 15 रोचक बातें!
युवराज असल में एक शानदार रोलर स्केटिंग चैंपियन थे। उन्होंने 14 साल की उम्र में राष्ट्रीय जूनियर रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप जीती थी।युवराज असल में एक शानदार रोलर स्केटिंग चैंपियन थे।
उन्होंने 14 साल की उम्र में राष्ट्रीय जूनियर रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप जीती थी।
उनके पिता योगराज सिंह ने ही उन्हें क्रिकेट के लिए प्रेरित किया।
पापा के गुस्से के कारण उन्होंने स्केटिंग छोड़कर क्रिकेट को चुना।
वह अपने बचपन में तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, बल्लेबाज नहीं।
2007 टी20 विश्व कप में उन्होंने एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे।
इस रिकॉर्ड के लिए उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड को चुना था 2011
विश्व कप के दौरान उन्हें पता चला था कि उन्हें कैंसर है।
कैंसर के बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में खेलना जारी रखा था।
वह उस विश्व कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी बने थे।
अमेरिका में कैंसर का इलाज कराने के बाद वह वापस लौटे।
कैंसर से ठीक होकर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी।
2015 आईपीएल में सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी के रूप में बिके थे।
उनके नाम सबसे तेज़ टी20 इंटरनेशनल अर्धशतक का रिकॉर्ड है।
उन्होंने अपनी 'यूवीकैन' फाउंडेशन कैंसर पीड़ितों के लिए बनाई है।