भारत का सबसे रहस्यमय मंदिर "कामख्या देवी मंदिर" की 10 ऐसी अविश्वसनीय घटनाएं जो आपको चौंका देगी
भारत रहस्यों और आस्था की धरती है। यहाँ हजारों मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और रहस्यमय घटनाओं के कारण सबसे अलग माने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है असम (गुवाहाटी) की नीलांचल पहाड़ियों पर स्थित "कामख्या देवी मंदिर"। यह मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है और इसे सबसे रहस्यमय मंदिर माना जाता है।
आइए जानते हैं

1. माता सती का गर्भाशय यहाँ विराजमान है
पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के शव को लेकर तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता के शरीर के अंग काट दिए। कहा जाता है कि माता का गर्भाशय (योनि) इस स्थान पर गिरा। यही कारण है कि कामख्या मंदिर को स्त्री-शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
2. बिना मूर्ति का मंदिर
दुनिया के लगभग सभी मंदिरों में देवी-देवताओं की प्रतिमा होती है। लेकिन कामख्या मंदिर में कोई प्रतिमा नहीं है। यहाँ एक योनि-आकार की पवित्र शिला है, जिसे लाल कपड़े से ढका गया है। इसी शिला से जल लगातार रिसता रहता है।
3. साल में एक बार देवी को आता है मासिक धर्म
यहाँ हर साल जून महीने में अंबुबाची मेला लगता है। मान्यता है कि इस दौरान देवी कामख्या को मासिक धर्म होता है। मंदिर कुछ दिनों के लिए बंद हो जाता है और फिर पुजारी विशेष पूजा के बाद इसे खोलते हैं। इस घटना को लेकर लाखों श्रद्धालु यहाँ उमड़ते हैं।
4. गुप्त तंत्र साधना का केंद्र
कामख्या मंदिर को तंत्र साधना का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ आधी रात को तांत्रिक विशेष साधनाएं करते हैं। कई लोगों का मानना है कि यहाँ की तंत्र शक्ति इतनी प्रबल है कि असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
5. पशु बलि की परंपरा
आज भी कामख्या मंदिर में पशु बलि की परंपरा है। खासतौर पर बकरी की बलि दी जाती है। मान्यता है कि देवी को बलि चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह परंपरा मंदिर को और अधिक रहस्यमय बनाती है।
6. लगातार बहने वाला झरना
मंदिर की गर्भगृह में मौजूद शिला से सालभर पानी रिसता रहता है। यह जल कभी सूखता नहीं और भक्त इसे पवित्र मानकर अपने घर ले जाते हैं। वैज्ञानिक कारण आज तक स्पष्ट नहीं है।
7. दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु
कामख्या मंदिर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। खासकर अंबुबाची मेले के समय यहाँ लाखों लोग आते हैं।
8. अघोरी और तांत्रिकों का तीर्थ
कहा जाता है कि पूरे भारत के अघोरी और तांत्रिक साधक साल में कई बार यहाँ साधना करने आते हैं। बहुत से लोगों का दावा है कि यहाँ साधना करने से अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं।
9. रहस्यमयी गुफाएं और सुरंगें
मंदिर परिसर में कई पुरानी गुफाएं और सुरंगें हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे प्राचीन काल में साधकों और राजाओं द्वारा प्रयोग की जाती थीं। इनमें से कुछ गुफाएं आज भी अनसुलझे रहस्य बनी हुई हैं।
10. स्त्री-शक्ति का प्रतीक
कामख्या मंदिर को स्त्री शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। यहाँ स्त्रियों की शक्ति और मातृत्व की पूजा की जाती है। यह मंदिर संदेश देता है कि सृष्टि का आधार स्त्री है और उसके बिना जीवन अधूरा है।
निष्कर्ष
कामख्या देवी मंदिर सिर्फ आस्था का नहीं बल्कि रहस्यों और चमत्कारों का अद्भुत संगम है। यहाँ होने वाली घटनाएं विज्ञान से परे हैं और यही कारण है कि यह मंदिर दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
FAQs – कामख्या देवी मंदिर के बारे में
Q1. कामख्या देवी मंदिर कहाँ स्थित है?
Ans- यह मंदिर असम राज्य के गुवाहाटी शहर की नीलांचल पहाड़ियों पर स्थित है।
Q2. कामख्या मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
Ans- यह मंदिर माता सती के शक्तिपीठों में से एक है और यहाँ देवी के गर्भाशय का पूजन होता है।
Q3. अंबुबाची मेला क्या है?
Ans- यह एक वार्षिक पर्व है, जब माना जाता है कि देवी को मासिक धर्म आता है। इस दौरान मंदिर 3 दिन के लिए बंद रहता है।
Q4. क्या कामख्या मंदिर में मूर्ति है?
Ans- नहीं, यहाँ देवी की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक योनि-आकार की शिला है।
Q5. क्या कामख्या मंदिर में बलि दी जाती है?
Ans- हाँ, यहाँ अब भी बकरी की बलि देने की परंपरा है।
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