रफ्तार के सौदागर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के जीवन के 15 अनसुनी बातें
यही वजह है कि फैंस उन्हें प्यार से "रावलपिंडी एक्सप्रेस" और "रफ्तार का सौदागर" कहते हैं।
शोएब अख्तर का करियर जितना चमकदार था, उतना ही विवादों से भी भरा रहा। आइए जानते हैं उनके जीवन की 15 अनसुनी बातें जो उन्हें और भी खास बनाती हैं।

1. बचपन में पोलियो का खतरा
शोएब अख्तर का जन्म 13 अगस्त 1975 को रावलपिंडी (पाकिस्तान) में हुआ था। जब वे छोटे थे, तब उन्हें पोलियो होने का खतरा था। डॉक्टरों ने तकरीबन उम्मीद छोड़ दी थी कि यह बच्चा कभी सामान्य रूप से चल भी पाएगा। लेकिन शोएब ने हार नहीं मानी। मेहनत और स्ट्रॉन्ग डिटरमिनेशन से उन्होंने न सिर्फ ठीक से चलना सीखा, बल्कि आगे चलकर दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज बन गए।
2. साधारण परिवार से क्रिकेट स्टार तक
शोएब अख्तर बहुत ही मिडिल-क्लास फैमिली से आते थे। उनके पिता एक छोटी सी फैक्ट्री में काम करते थे। पैसों की तंगी के कारण उन्हें अक्सर क्रिकेट खेलते समय संघर्ष करना पड़ा। लेकिन उनकी स्पीड और टैलेंट ने उन्हें पाकिस्तान की नेशनल टीम तक पहुंचा दिया।
3. क्रिकेट में देर से शुरुआत
आमतौर पर क्रिकेटर बचपन से ही क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं, लेकिन शोएब अख्तर ने प्रोफेशनल क्रिकेट काफी देर से शुरू किया। कॉलेज के दिनों में उनकी गेंदबाज़ी पर लोगों की नज़र पड़ी और फिर वहां से उनकी किस्मत बदल गई। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम में 1997 में डेब्यू किया।
4. दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज
2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में शोएब अख्तर ने 161.3 Km/h (100.2 mph) की रफ्तार से गेंद फेंकी। यह आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज़ गेंद मानी जाती है। इस रिकॉर्ड ने उन्हें अमर कर दिया और यही वजह है कि आज भी उनका नाम रफ्तार के साथ जोड़ा जाता है।
5. इंजरी और फिटनेस की बड़ी समस्या
भले ही शोएब अख्तर सबसे तेज गेंदबाज थे, लेकिन उनका शरीर लगातार इंजरीज़ से जूझता रहा। उनके घुटनों और कमर की चोटों ने उनका करियर काफी प्रभावित किया। कई बार उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा। यही कारण था कि वे लगातार क्रिकेट खेलने में सफल नहीं हो पाए।
6. विवादों में हमेशा घिरे रहे
शोएब अख्तर जितने चर्चित अपनी गेंदबाजी से रहे, उतने ही विवादों के कारण भी। उनका नाम अक्सर अनुशासनहीनता, साथी खिलाड़ियों से झगड़े और PCB (Pakistan Cricket Board) से टकराव के कारण सुर्खियों में रहता था। 2007 में तो उन्हें डोपिंग विवाद और साथी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ से झगड़े के कारण सस्पेंड तक कर दिया गया था।
7. भारतीय बल्लेबाजों का दुश्मन
भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। शोएब अख्तर जब भी भारत के खिलाफ खेलते, तो उनकी गेंदों का सबसे ज्यादा खौफ भारतीय बल्लेबाजों को ही होता। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे महान बल्लेबाजों को कई बार आउट किया। उनके स्पेल्स ने भारत-पाक मैचों को और भी रोमांचक बना दिया।
8. बॉलीवुड फिल्मों का ऑफर
शोएब अख्तर की पॉपुलैरिटी सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं थी। भारत में भी उनके करोड़ों फैंस हैं। यही वजह है कि उन्हें बॉलीवुड फिल्मों में भी काम करने के ऑफर मिले। हालांकि, उन्होंने क्रिकेट पर फोकस करने के लिए इन ऑफर्स को ठुकरा दिया।
9. टीम कैंप में झगड़े
शोएब अख्तर का स्वभाव बहुत आक्रामक था। एक बार कराची में टीम कैंप के दौरान उनका साथी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ के साथ झगड़ा हो गया। बताया जाता है कि उन्होंने गुस्से में आकर बल्ला उठाकर आसिफ को मार दिया था। इस घटना ने पूरे पाकिस्तान क्रिकेट को हिला दिया था।
10. रिटायरमेंट के बाद नई पहचान
2011 वर्ल्ड कप के बाद शोएब अख्तर ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद उन्होंने टीवी चैनलों पर बतौर क्रिकेट एनालिस्ट और कमेंटेटर काम करना शुरू किया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना YouTube चैनल भी शुरू किया, जिस पर वे क्रिकेट से जुड़ी बातें और विश्लेषण साझा करते हैं। आज उनके चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं।
11. समाजसेवा में योगदान
क्रिकेट और मीडिया के अलावा शोएब अख्तर का दिल समाजसेवा में भी लगता है। वे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए कई चैरिटी प्रोग्राम्स और फाउंडेशन के साथ जुड़े हुए हैं।
12. सबसे तेज बॉलर लेकिन सबसे ज्यादा निलंबित खिलाड़ी
शोएब अख्तर को उनकी अनुशासनहीनता के कारण कई बार निलंबित किया गया। वे शायद अकेले ऐसे तेज गेंदबाज हैं जिनका करियर जितना बड़ा हो सकता था, उतना नहीं बन पाया, क्योंकि विवाद और चोटें हमेशा उनके साथ रहीं।
13. भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच लोकप्रियता
भले ही शोएब पाकिस्तान से थे, लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी भारत में भी बहुत ज्यादा थी। भारत-पाक मैचों के दौरान भी भारतीय फैंस उनके तेज़ स्पेल्स देखने के लिए बेताब रहते थे।
14. मैदान पर आक्रामक लेकिन बाहर विनम्र
मैदान पर शोएब अख्तर जितने आक्रामक नजर आते थे, मैदान से बाहर उनका स्वभाव उतना ही विनम्र और दोस्ताना था। उन्होंने कई बार इंटरव्यू में कहा कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल है और असल जिंदगी में वे सबके दोस्त हैं।
15. क्रिकेट की दुनिया में मिसाल
शोएब अख्तर आज भी दुनिया भर के युवा तेज गेंदबाजों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उन्होंने साबित किया कि चाहे शुरुआत कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, मेहनत और जुनून के दम पर इंसान असंभव को भी संभव कर सकता है।
निष्कर्ष
शोएब अख्तर सिर्फ एक तेज गेंदबाज नहीं बल्कि जुनून और संघर्ष की मिसाल हैं। बचपन में पोलियो का खतरा, आर्थिक तंगी, चोटें और विवाद – इन सबके बावजूद उन्होंने दुनिया को अपनी रफ्तार से प्रभावित किया। आज भी उनका नाम आते ही लोगों के जेहन में 161.3 Km/h की रफ्तार से फेंकी गई गेंद की याद ताज़ा हो जाती है।
FAQs – शोएब अख्तर के बारे में
Q1. शोएब अख्तर का निकनेम क्या है?
Ans- उन्हें "रावलपिंडी एक्सप्रेस" और "रफ्तार का सौदागर" कहा जाता है।
Q2. शोएब अख्तर की सबसे तेज़ गेंद की स्पीड कितनी थी?
Ans- उन्होंने 2003 वर्ल्ड कप में 161.3 Km/h की स्पीड से गेंद फेंकी थी।
Q3. क्या शोएब अख्तर भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ सफल रहे?
Ans- हां, उन्होंने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को कई बार आउट किया।
Q4. शोएब अख्तर को क्यों अक्सर विवादों में रहना पड़ा?
Ans- उनका आक्रामक स्वभाव, साथी खिलाड़ियों से झगड़े और अनुशासनहीनता ही विवादों की वजह बने।
Q5. रिटायरमेंट के बाद शोएब अख्तर क्या कर रहे हैं?
Ans- वे टीवी पर कमेंटेटर और क्रिकेट एनालिस्ट हैं। इसके अलावा उनका एक लोकप्रिय YouTube चैनल भी है और वे समाजसेवा में भी सक्रिय रहते हैं।
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