कैलाश पर्वत के 10 चौंकाने वाले तथ्य जो आपको हैरान कर देंगे
कैलाश पर्वत (Mount Kailash) दुनिया के सबसे रहस्यमय और पवित्र पर्वतों में से एक माना जाता है। यह चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित है और समुद्र तल से लगभग 6,638 मीटर ऊँचा है। धार्मिक दृष्टि से देखें तो यह पर्वत हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। माना जाता है कि यही स्थान भगवान शिव का धाम है और यहीं से चार पवित्र नदियाँ (गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र और सतलज) निकलती हैं।

1. अब तक कोई भी व्यक्ति चढ़ाई नहीं कर पाया
कैलाश पर्वत पर आज तक किसी भी व्यक्ति ने सफलतापूर्वक चढ़ाई नहीं की है। दुनिया की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट पर हजारों लोग चढ़ चुके हैं, लेकिन कैलाश पर्वत आज भी अजेय है। जो लोग चढ़ाई करने की कोशिश करते हैं, उन्हें अजीब बाधाओं, स्वास्थ्य समस्याओं और रहस्यमयी घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
2. धार्मिक मान्यता – भगवान शिव का निवास
हिंदू धर्म के अनुसार कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है। यहाँ वे माता पार्वती के साथ ध्यान और समाधि में विराजते हैं। यही वजह है कि भक्त इसे धरती का सबसे पवित्र स्थल मानते हैं।
3. चार धर्मों का पवित्र स्थल
यह पर्वत सिर्फ हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए भी पवित्र है।
- जैन धर्म में इसे अष्टापद पर्वत कहा गया है, जहाँ पहले तीर्थंकर ऋषभदेव ने मोक्ष प्राप्त किया था।
- बौद्ध धर्म में इसे माउंट मेरु से जोड़ा गया है।
- बोन धर्म में इसे ब्रह्मांड का केंद्र माना जाता है।
4. रहस्यमयी आकार – प्राकृतिक पिरामिड
कैलाश पर्वत का आकार बिल्कुल पिरामिड जैसा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक प्राकृतिक पिरामिड है, जो चारों दिशाओं में लगभग समान रूप से फैला है। इसकी बनावट इतनी परफेक्ट है कि यह मानो किसी ने तराश कर बनाया हो।
5. समय तेजी से बीतता है
यात्रियों ने दावा किया है कि कैलाश पर्वत की परिक्रमा करते समय उन्हें समय का अहसास अलग होता है। घड़ियाँ तेज चलने लगती हैं और शरीर अचानक बूढ़ा होने लगता है। वैज्ञानिक आज तक इस रहस्य को समझ नहीं पाए हैं।
6. कैलाश के ऊपर से पक्षी भी नहीं उड़ते
स्थानीय लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत के ऊपर से कोई पक्षी या विमान नहीं उड़ सकता। जो भी कोशिश करता है, वह अचानक रास्ता बदल देता है या वापस लौट आता है। इसे अब तक का सबसे रहस्यमय तथ्य माना जाता है।
7. कैलाश की परिक्रमा का महत्व
भक्त मानते हैं कि कैलाश पर्वत की परिक्रमा (52 किलोमीटर लंबी) करने से मनुष्य के सभी पाप मिट जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। हजारों श्रद्धालु हर साल इस कठिन यात्रा पर निकलते हैं, जिसे कैलाश मानसरोवर यात्रा कहा जाता है।
8. मानसरोवर झील – जीवनदायिनी झील
कैलाश पर्वत के पास स्थित मानसरोवर झील दुनिया की सबसे ऊँची मीठे पानी की झील है। इसका पानी बेहद शुद्ध माना जाता है और श्रद्धालु मानते हैं कि इसमें स्नान करने से आत्मा पवित्र हो जाती है।
9. कैलाश पर्वत का रहस्यमय प्रतिबिंब
कई यात्रियों ने बताया है कि जब आप मानसरोवर झील के पानी में देखते हैं, तो आपको कैलाश पर्वत का प्रतिबिंब बेहद अलौकिक और चमकता हुआ दिखाई देता है। यह दृश्य लोगों को दिव्य अनुभव कराता है।
10. वैज्ञानिकों के लिए अब भी एक रहस्य
कई वैज्ञानिकों ने कैलाश पर्वत पर रिसर्च की, लेकिन वे अब तक इसके रहस्यों को समझ नहीं पाए हैं। पर्वत की भौगोलिक संरचना, ऊर्जा और रहस्यमयी घटनाएँ इसे दुनिया का सबसे रहस्यमय पर्वत बनाती हैं।
निष्कर्ष
कैलाश पर्वत सिर्फ एक पर्वत नहीं, बल्कि यह आस्था, रहस्य और ऊर्जा का संगम है। इसकी ऊँचाई, बनावट और धार्मिक महत्व इसे दुनिया का सबसे अद्वितीय पर्वत बनाते हैं। शायद यही कारण है कि हजारों लोग हर साल यहाँ आकर दिव्य अनुभव प्राप्त करते हैं और इसे अपने जीवन की सबसे पवित्र यात्रा मानते हैं।
FAQs – कैलाश पर्वत के बारे में
Q1. कैलाश पर्वत कहाँ स्थित है?
Ans- कैलाश पर्वत चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित है।
Q2. क्या अब तक किसी ने कैलाश पर्वत पर चढ़ाई की है?
Ans- नहीं, आज तक कोई भी कैलाश पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई नहीं कर पाया है।
Q3. कैलाश पर्वत को धार्मिक दृष्टि से क्यों पवित्र माना जाता है?
Ans- क्योंकि इसे हिंदू धर्म में भगवान शिव का धाम, जैन धर्म में मोक्ष स्थल, और बौद्ध व बोन धर्म में ब्रह्मांड का केंद्र माना गया है।
Q4. कैलाश पर्वत की परिक्रमा का क्या महत्व है?
Ans- माना जाता है कि परिक्रमा करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Q5. मानसरोवर झील का महत्व क्या है?
Ans- यह झील जीवनदायिनी मानी जाती है और इसमें स्नान करने से आत्मा शुद्ध होने का विश्वास है।
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